p2122
दोष और विधि (शास्त्रीय करुणांतिका, एंटीगोनी)
- p0 फेनोमेनोलॉजी ऑफ़ स्पिरिट / माइंड (1807)
- p1 [व्यक्तिपरक चेतना]
- p2 चित्त [वस्तुनिष्ठ चेतना]
- p3 संपूर्ण चेतना
- p21 सदाचार
- p22 वियुक्त चित् (तालीम )
- p23 चित्त का आत्मनिश्चित होना। स्वनैतिकता
- p211 नैतिक दुनिया
- p212 सदाचार
- p213 कानूनी दर्ज़ा
- p2121 मानविक और दैविक ज्ञान
- p2122 दोष और विधि (शास्त्रीय करुणांतिका, एंटीगोनी)
- p2123 सदाचारी दुनिया का अंत